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मंगलवार, 11 नवंबर 2014

मूक बधिर विकलांग जनों को वाहन चालन प्रमाणपत्र (Driving License)

आज बात करते है अपने मूक बधिर भाई बहनों के लिए driving license दिए जाने के संदर्भ में भारत सरकार के परिवहन विभाग का मानना है की जो व्यक्ति सुन नहीं सकता उसे driving license नही दिया जा सकता क्योकि इससे दुर्घटना हो सकती है  भाई एक बात समझ में नही आती की विकलांगो के लिए नीतियाँ बनता कौन है और विकलागो के नाम पर रोटियाँ सेकने वाली तथाकथित NGO सरकार की इस दोहरी नीति का विरोध क्यों नही करती है क्या विकलांग जनों को भारत देश में समानता के अधिकार से वंचित कर दिया गया है या फिर उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक मान लिया गया है अब बात करते है मुद्दे की
सरकार का कहना है की मूक बधिर को driving license देने से दुर्घटना बढ़ेगी जबकि सर्वविदित है की 100% दुर्घटना असावधानी और तेज गति से वाहन चलाने के कारण होती है सरकार का कहना है की जो सुन नही सकते वो वाहन चलाने के योग्य नही है तो सरकार जी आज देश की 60% गाड़िया लग्जरी वातानुकूलित है शीशा बंद करके ही चलती है उनके चालक को बाहर की आवाज से कोई मतलब नही होता तो एक तरह से वो भी बधिर हुए फिर ऐसी सारी गाडियों के चलने पर रोक लगा दीजिये 90% गाडियों में म्यूजिक सिस्टम लगे होते है शीशा बंद गाना चालू निगाह सड़क पर और चल रही आराम से गाड़ी, तो सरकार को सारी गाडियों के म्यूजिक सिस्टम और शीशे भी निकलवा देना चाहिए सरकार विकलांगता का बहाना करके विकलांगजनों को सदैव कृपापात्र बना कर रखना चाहती है आप सोचिये कोई सामान्य चालक गाड़ी कैसे चलाता है अपनी गाड़ी के बगल के शीशे में पीछे आ रही गाड़ी को देख कर,  ट्रैफिक लाइट के सिग्नल को देख कर, आवागमन के प्रतिको को देख कर, सामने सड़क पर ध्यान से देख कर न की हार्न सुन कर या बाहर का शोर सुन कर तो जब एक सामान्य चालक मुख्य रूप से देख कर गाड़ी चलाता हैं तो एक मूक बधिर जो देखने में पूर्णरूप से सक्षम है उन्हें driving license क्यों नही आज विश्व के अग्रणी देश अमेरिका फ़्रांस जर्मनी में मूक बधिर को driving license दिया जा रहा तो भारत में क्यों नही क्या भारत में विकलांगजनो को देश के आम नागरिको के साथ कंधे से कन्धा मिलकर चलने का हक़ नही है सरकार जी मूक बधिर जनों को driving license अविलम्ब जारी करने का आदेश अपने परिवहन विभाग को दीजिये क्या विकलांगजनो को हर बार अपने हक को पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने की ही जरुरत पड़ेगी ?

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